IPL के सितारे, जो अब गुमनाम हैं
आईपीएल साल दर साल विश्व भर से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के मौका देता है। आईपीएल जैसे मंच पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देकर कई खिलाड़ियों की किस्मत रातों रात बदल गई। इज्जत, पैसा, शोहरत इन सबकी गारंटी के साथ आता है IPL। लेकिन हर कोई इस शोहरत को पचा नहीं पाता, या यूं कह ले कि आईपीएल आपके लिए शोहरत के दरवाज़े तो खोलता है ,लेकिन निरंतर न होने पर आपको गुमनामी के अंधेरो में भी पहुंचा देता है। आज ऐसे ही कुछ नामों के बारे में आपको बताएंगे, जिन्होने आईपीएल के मंच से चमक तो बिखेरी लेकिन फिर ऐसे गायब हुए कि आज किसी को नही पता वो वापसी कब करेंगे, या फिर करेंगे भी या नहीं, कुछ ने तो रिटायरमेंट भी ले लिया।
कमरान खान-
साल 2009 में राजस्थान रायल्स ने कमरान खान को अपनी टीम से जोड़ा उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज की स्पीड और लाइन लेंथ से दिग्गज शेन वार्न बहुत प्रभावित हुए और उन्हे टॉरनेडो नाम तक दिया। उनका प्रदर्शन भी खासा शानदार रहा। अंतिम ओवरों में अपनी धारदार गेंदे से उन्होने कई मैचो का परिणाम राजस्थान के हक में किया। आईपीएल का पहला सोवर ओवर करने का रिकार्ड भी इन्ही के नाम दर्ज है , साथ ही उन्होने अपने इस ओवर में क्रेस गेल जैसे धुरंधर को आउट करके राजस्थान को वो मैच जिताया, लेकिन फिर चकिंग के आरोप और धलते प्रदर्शन की वजह से उनकी करियर खत्म हो गया। था।
पॉल वलथाटी
किंग्स इलेवन पंजाब के इस बल्लेबाज़ ने उस समय टी-20 क्रिकेट में हंगामा मचा दिया, जब उन्होने आइपीएल की सबसे आकर्षक सेंचुरी लगाई। 2009 ने राजस्थान ने पॉल को टीम में शामिल किया ,लेकिन 2011 पंजाब के साथ जुड़े और वो उनका ब्रेक थ्रू रहा। इसी साल पॉल ने चेन्नई के खिलाफ 63 गेंदो में शानदार शतक जड़ा । 2011 में उन्होने 14 मैचों में 463 रन जोड़ और टीम इंडिया का दरवाज़ा खटखटाया , लेकिन इसके बाद उनका फार्म ऐसा गिरा कि अगले साल उनके बल्ले से सिर्फ 22 रन निकले । एक समय टेक्निकल सबसे सक्षम समझा जाने वाला ओपनर , अब आईपीएल फ्रेंचाइजी के लिए बोझ बन गया।पॉल ने आईपीएल का अपना अंतिम मैच साल 2013 के सीजन में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेला था, जिसमें वो 6 रन ही बना सके. 2013 के सीजन के बाद तो उन्हें किसी टीम ने नहीं खरीदा।
मनविंदर बिस्ला
कोई भी टीम जब चैंपियन बनती है, तो उसमें कुछ खास खिलाड़ियों का योगदान जरुर होता है।27 मई 2012 को अगर केकेआर के पास बिस्ला नहीं होते तो उनके चैंपियन बनने के इरादों पर पानी फिर जाता। सीएसके के खिलाफ फाइनल में बिस्ला की ताबड़तोड़ 89 रनों की पारी ने उन्हे रातोंरात शोहरत दिला दी, लेकिन इसके बाद वो अगले सीज़न में फ्लाप रहे और आईपीएल से गायब हो गए। हरियाणा के फरीदाबाद से आने वाले बिस्ला में प्रतिभा की कमी नहीं थी, बस निरंतरता के अभाव में वो विश्व क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहे ।
पृथ्वी शॉ
एक ऐसा खिलाड़ी जिसके अंदर इतनी प्रतिभा थी कि क्रिकेट के दिग्गज इसे सहवाग और लारा का कॉम्बिनेशन कहते थे। पृथ्वी ने आईपीएल के साथ भारतीय टीम में भी कई ताबड़तोड़ पारिया खेली, अपने पहले ही टेस्ट में 157 रनों की पारी वो भी वेस्टइंडीज़ के सामने, मानों ऐसा लगा भारत को शायद एक सचिन और मिल गया। साल 2018 में दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 1.20 करोड़ रुपये में खरीदा था। उनका प्रदर्शन भी शानदार रहा, फिर साल 2023-24 के लिए उन्हे 8 करोड़ देकर रिटेन भी किया, लेकिन वो बल्ले के कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए, आइपीएल में उनके बल्ले से 79 पारियों में बैटिंग करते हुए उन्होंने 23.94 की औसत और 147.46 के स्ट्राइक रेट से 1892 रन निकले हैं। उनकी सेहत और लाइफस्टाइल देखकर लगता ही नहीं कि ये वहीं बल्लेबाज़ है जिसकी तुलना सचिन तेडुलकर से की जाती थी। जल्दी मिली शोहरत अगर संभाली न जाए तो कैसे एक अच्छे खिलाड़ी को फर्श पर ला देती है उसका सही उदाहरण पृथ्वी शॉ हैं।
खैर ऐसे और न जाने कितने खिलाड़ी है जो आईपीएल के एक सीज़न में शानदार प्रदर्शन करते हैं पैसा कमाते है और फिर चकाचौंध में कहीं खो जाते हैं। हालाकि कुछ ऐसे भी है जो इसी प्रदर्शन के दम पर अपने देशों की राष्ट्रीय टीमों का हिस्सा बन जाते हैं